टैक्स रिफंड में फ्राड, आईटी ने एमपी सीजी में मारे छापे

खरी खरी संवाददाता
भोपाल। आयकर विभाग ने सोमवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 13 स्थानों पर कार्रवाई की। इनमें नौ जगह छापा और चार स्थानों पर सर्वे किया गया है। मध्य प्रदेश में इंदौर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन और रतलाम में कार्रवाई की गई। इसी तरह से छत्तीसगढ़ में मनेंद्रगढ़, चिरमिरी सहित कुछ स्थानों पर सर्वे और छापे की कार्रवाई की है। देशभर में हुई छापेमारी के क्रम में ही ये छापे मारे गए। सूत्रों ने बताया कि कुछ सीए, कंप्यूटर ऑपरेटर, एलआइसी एजेंट व आयकर रिटर्न भरने वाले अन्य पेशेवर टीडीएस कटने के बाद आयकरदाताओं की तरफ से फर्जी तरीके से रिफंड क्लेम करते थे। इसमें वह अलग-अलग तरीके से आमदनी कम दिखाते थे, जिससे आयकरदाता को रिफंड मिल जाता था। रिटर्न भरने वाले पेशेवर इसमें से 10 से 25 प्रतिशत तक राशि रिफंड प्राप्त करने वाले से लेते थे।
इंदौर में पुखराज कार्पोरेट टावर स्थित एस. लड्डा एंड एसोसिएट्स जांच की गई। बताया गया है कि राजनीतिक पार्टियों के चंदे की रसीदें, मेडिकल के फर्जी बिल से लेकर ट्यूशन फीस और निवेश के फर्जी दस्तावेज-रसीदें बनाकर टैक्स चोरी के इस खेल को अंजाम दिया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि निजी कंपनियों में मोटा वेतन पाने वाले कर्मचारियों को टैक्स से बचाने और रिफंड हासिल करने का लालच देकर उनका इनकम टैक्स दाखिल करने का काम लिया जाता। इस सबके लिए रिटर्न दाखिल करते हुए फर्जी रसीदों को लगाया जाता। ऐसे गुमनाम राजनीतिक दल जो चुनाव भी नहीं लड़ते उनके दान की रसीद खुद चार्टर्ड अकाउंटेंट व पेशेवर बनाकर देते हैंजबलपुर में जांच दल ने शहर के दो चार्टर्ड अकाउंटेंट और एक सराफा कारोबारी के यहां दस्तावेज जब्त किए हैं। वहीं रीवा के टैक्स कंसल्टेंट वेदप्रकाश मिश्रा के विंध्य विहार कालोनी स्थित घर सहित न्यायालय स्थित दफ्तर में आयकर विभाग की 12 सदस्यीय टीम पहुंची। जबलपुर में एलआइसी के बड़े एजेंट्स और टैक्स रिटर्न फाइल करने वाली फर्मों टैक्स प्रैक्टिसनर के यहां छापे मारे।