नीमच: एमपी के नीमच जिले में न्याय नहीं मिलने पर एक किसान ने शीर्षासन किया है। उसका वीडियो सामने आया है। पिछले मंलवार को जावद तसहील के गांव कांकरिया तलाई का मुकेश प्रजापति लोट लगाते हुए कलेक्टर ऑफिस पहुंचा था। इसके बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने तीन दिन के भीतर न्याय के निर्देश दिए थे। अब मंगलवार को दड़ौली से एक किसान शीर्षासन लगाते हुए कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचा। किसान माणकलाल भी बीते 14 साल से परेशान है।

नहीं मिल रहा न्याय

दरअसल, जावद तहसील के गांव दड़ौली निवासी माणकलाल का कहना है कि वह कई बार कलेक्‍टर के समक्ष गुहार लगा चुका है लेकिन उसकी किसी प्रकार से सुनवाई नहीं हो रही। यहीं कारण है कि इस बार वह शीर्षासन (सिर के बल) चलता हुआ कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचा। किसान माणकलाल ने बताया कि गांव दड़ौली में सर्वे नंबर 183 में उसे शासन ने जमीन के बदले जमीन दी। वर्तमान में वन विभाग के अधिकारी उन्‍हें जमीन नहीं दे रहे।

6 साल से नहीं हो रही खेती

दड़ौली में 18 किसानों को पिछले 6 साल से खेती करने से रोका जा रहा है। उन्‍हें वहां खेती करने नहीं दी जा रही जबकि 6 साल पहले किसान वहां खेती करते थे। 14 साल से यह मामला चल रहा है, लेकिन 6 साल पहले वन विभाग ने वहां कब्‍जा कर लिया और किसानों को खेती करने से रोक दिया।

पिछली बार लोटन करते हुए पहुंचा था किसान

पिछले मंगलवार 3 सितंबर को कांकरिया तलाई का मुकेश करीब 1 हजार शिकायतों की माला पहनकर लौट लगाते हुए कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचा था। इसके बाद उसका वीडियो खूब वायरल हुआ। तब कलेक्‍टर हिमांशु चंद्रा ने मुकेश की 22 शिकायतों पर एक टीम गठित कर 3 दिन में जांच रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिए थे। हालांकि जांच टीम ने मुकेश 22 शिकायतों में से 21 शिकायत गलत पाई, जबकि एक शिकायत पर गांव से पूर्व सरंपच द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटा दिया।

फिर जांच कमेटी गठित की

वहीं, शीर्षासन करते हुए कलेक्‍टर कार्यालय पहुंचे माणकलाल की समस्‍या पर भी कलेक्‍टर हिमांशु चंद्रा ने एक टीम गठित कर 3 दिन के अंदर शिकायत का निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्‍टर ने इस मामले में शिकायत के बाद प्रदेश स्‍तर के अधिकारियों के सामंजस्य बैठाकर माणकलाल की समस्‍या का निराकरण करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।