नई दिल्ली: इन्फोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने राज्यसभा में अपने पहले ही भाषण में दो जोरदार मुद्दे उठाकर सबका दिल जीत लिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर उच्च सदन में हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने मांग की कि कोविड काल में जिस तरह टीकाकरण अभियान चलाया गया था, उसी तरह महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं में इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे बचाव के लिए किशोरावस्था में इसके टीके लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

सुधा मूर्ति ने कहा कि हमारी सामाजिक व्यवस्था ऐसी है जिसमें महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। जब वे अस्पताल पहुंचती हैं तो उनमें सर्वाइकल कैंसर तीसरे या चौथे स्टेज पर होता है। उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि उनके पिता कहते थे कि महिलाएं परिवार का केंद्र होती हैं और महिला के निधन के बाद पति को तो दूसरी पत्नी मिल जाती है लेकिन बच्चों को दूसरी मां नहीं मिलती। सुधा मूर्ति ने कहा कि कोविड काल में जब व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया गया तो महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए अभियान क्यों नहीं चलाया जा सकता? अगर सरकार हस्तक्षेप करे तो यह महंगा भी नहीं होगा। इससे बड़ी आबादी को लाभ होगा।