खरी खरी संवाददाता
इंदौर, 20 जून। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में शनिवार को इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरीडोर का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने विभिन्न योजना के हितग्राहियों को हितलाभ और सड़क सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट वितरित किए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर, उज्जैन और सांवेर सहित अन्य शहरों को 5 हजार 657 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। यह प्रदेश की जनता के लिए ऐतिहासिक क्षण है। इंदौर के पितेृश्वर महादेव से बाबा महाकाल तक आने के लिए सीधी सड़क का भूमि-पूजन हुआ है। यह परियोजना पीथमपुर को निमाड़ क्षेत्र में आगे दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगा और क्षेत्र के लिए आर्थिक समृद्धि का अहम मार्ग बनेगा। राज्य सरकार ने किसानों की मांग पर इसकी ऊंचाई कम की है, जिससे किसानों को भी आवागमन में लाभ मिलेगा। प्राचीन काल में इस मार्ग से वर्षभर साधु-संत और श्रद्धालु पैदल यात्रा करते थे। ग्रीन फील्ड कॉरीडोर उज्जैन-सांवेर-इंदौर क्षेत्र के विकास का नया पर्याय बनेगा। यह परियोजना सिंहस्थ के दृष्टिगत प्रदेश को बड़ी सौगात है। करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण लगभग 2 हजार 935 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा। इस मार्ग के बन जाने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन अधिक सुगम और तेज होगा, साथ ही सिंहस्थ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। फतेहाबाद और चंद्रावतीगंज इंदौर-उज्जैन के बीच व्यापार-व्यवसाय का प्रमुख केंद्र रहा है, ग्रीनफील्ड कॉरीडोर विकास का नया पर्याय बनेगा। यह रोड उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी के लिए नए सूर्योदय के समान है। अब इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, धार और रतलाम तक 16 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले मेट्रोपॉलिटन एरिया में 6 रेलवे जंक्शन, 2 एयरपोर्ट, 4 हवाई पट्टी और 2 राजमार्ग शामिल होंगे। सड़क मार्ग, उद्योग-व्यापार-कृषि और रोजगार सहित सभी क्षेत्रों के विकास में अहम योगदान देता है। अब फतेहाबाद को रेलवे के डबल ट्रैक की भी सौगात मिलने जा रही है।
