सियासी लड़ाई में राहुल गांधी और चुनाव आयोग आमने सामने

खरी खरी संवाददाता
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनावों, महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में ‘वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली’ की गई। चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर राहुल गांधी समझते हैं कि जो वो कह रहे हैं वह सच है तो वो शपथ पत्र पर साइन कर शिकायत दें या फिर भारत की जनता को गुमराह न करें। इसके चलते अब सियासी लड़ाई में राहुल गांधी और चुनाव आयोग आमने सामने आ गए हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि “मशीन-रीडेबल वोटर लिस्ट न देना इस बात का सबूत है कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव ‘चुराने’ के लिए बीजेपी से मिलीभगत की है।” इस पर भारतीय निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को ‘गुमराह’ करने वाला बताया है। आयोग ने कहा है कि वो अपनी शिकायत लिखित में कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दें। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र चुनाव में वोट चोरी को लेकर राहुल गांधी के दावे को ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी लगातार झूठ बोल रहे हैं और ग़लत बयानबाज़ी कर रहे हैं। उन्होंने पिछली बार कहा कि महाराष्ट्र में 75 लाख वोट बढ़े और अब कहा कि एक करोड़ वोट बढ़े। वे झूठ बोलकर अपनी हार को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।” गुरुवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में राहुल गांधी ने एक प्रज़ेंटेशन दिया जिसमें महाराष्ट्र में हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच वोटर लिस्ट में बदलाव, लोकसभा चुनावों के दौरान कर्नाटक में मतदाताओं के बढ़ने के कथित सबूत दिए।
प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया-
- कई वोटर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग बूथ की वोटर लिस्ट में शामिल हैं।
- एक वोटर बेंगलुरु की महादेवपुरा सीट, पूर्वी लखनऊ, मुंबई की पूर्वी जोगेश्वरी चुनावी क्षेत्र में वोटर के रूप में दर्ज है।
- राहुल गांधी ने दावा किया कि उनकी शोध टीम ने 40 हज़ार से अधिक ऐसे फर्जी वोटरों की पहचान की है जिनके पते ग़लत थे या ऐसे पते थे जिनका कोई वजूद नहीं था या फिर वे उन पतों पर नहीं मिले।
- एक-एक घर के पते पर 80 और 46 वोटर दर्ज थे। अकेले घरों में बड़ी संख्या में दर्ज किए वोटरों की संख्या 10 हज़ार से अधिक थी।
- नए वोटर बनने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म 6 का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। ऐसे 33,692 मामले पाए गए।