अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चौथे ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट एंड एक्सपो (RE-INVEST 2024) का उद्घाटन किया। इसमें उन्होंने कहा कि भारत को साल 2047 तक विकसित देश बनाना है। यह एक्सपो इसी एक्शन प्लान का हिस्सा है। उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि हमारे पहले 100 दिनों में हमारी प्रायोरिटी, स्पीड और स्केल का भी रिफलेक्शन दिखाई देता है।
ऊर्जा मंत्री ने भी रखी अपनी बात
इस एक्सपो में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल 5वीं सबसे बड़ी बल्कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह वृद्धि ऊर्जा की अभूतपूर्व मांग को बढ़ावा दे रही है और हम अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के साथ इस मांग को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
तीन दिन तक चलेगा सम्मेलन
बता दें कि आज यानी सोमवार से गुजरात के गांधीनगर में चौथा ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट एंड एक्सपो शुरू हो गया। इसका आयोजन 18 सितंबर तक होगा। इससे पहले यह आयोजन 2015, 2018 और 2020 में हुआ था। इस बार यह पहली बार है जब कोई हाई प्रोफाइल इवेंट राजधानी दिल्ली से बाहर हो रही है। यह कार्यक्रम का आयोजन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से हो रहा है। अंतिम दिन समापन सत्र की अध्यक्षता उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। तीन दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में सरकार, उद्योग और वित्तीय क्षेत्रों की 10 हजार से ज्यादा हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है।
यह है एक्सपो का मकसद
इस एक्सपो में भारत सरकार के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को तेजी से आगे बढ़ाने और जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयासों को दिखाया जाएगा। भारत को 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने के लिए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत है।
- एक्सपो में महत्वपूर्ण 50 सेशन होंगे। इनमें 250 से ज्यादा स्पीकर्स शामिल होंगे।
- इस एक्सपो में अक्षय ऊर्जा से संबंधित काफी कंपनियां होंगी। इसमें सेलर और बायर्स आपस में मिलकर अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मार्केट में भागीदारी बढ़ा सकेंगे
- यहां पर काफी संख्या में इंटरनेशनल इन्वेस्टर भी होंगे। अक्षय ऊर्जा से जुड़े स्टार्टअप और मार्केट में जमी कंपनियों को फंड जुटाने में आसानी हो सकती है।
- सम्मेलन में 44 सत्रों में एक व्यापक एजेंडा शामिल होगा। साथ ही यहां G2B और B2B इंटरेक्शन कर सकेंगे।
इन चीजों पर होगा फोकस
इस एक्सपो के ढाई दिन का फोकस फ्यूचर एनर्जी चॉइस और प्रतिभागियों को अक्षय ऊर्जा के विकास के लिए लेटेस्ट ट्रेंड, टेक्नॉलजी, पॉलिसी आदि पर होगा। इस एक्सपो में एक मुख्यमंत्रियों का पूर्ण सत्र, एक CEO गोलमेज सम्मेलन और विभिन्न देशों और राज्यों के लिए विशिष्ट नवीकरणीय ऊर्जा नवाचारों और अवसरों पर केंद्रित चर्चा शामिल है। महत्वपूर्ण सत्र ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने में महिलाओं की भूमिका को संबोधित करेंगे। साथ ही स्टार्ट-अप्स के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएंगे।
