नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने हाल में हुए आम चुनावों के दौरान कहा था कि चार जून को लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद शेयर बाजार सभी पुराने रेकॉर्ड तोड़ते हुए नए शिखर पर पहुंच जाएगा। हालांकि चार जून को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी और इस पर विपक्षी दल सवाल भी उठा रहे हैं। लेकिन मोदी की चुनाव नतीजों के बाद तेजी की भविष्यवाणी सच साबित हुई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से बीएसई सेंसेक्स में 5,222 अंक की तेजी आई है। पिछले 9 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ऑल-टाइम हाई को छुआ है। इससे बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 42.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 437.24 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
निवेशकों का भरोसा
एनडीए सरकार का नेतृत्व करते हुए पीएम मोदी ने दिखाया है कि उनकी पार्टी तय एजेंडे के साथ आगे बढ़ेगी। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार बाजार अनुकूल नीतियों को आगे बढ़ाएगी। धनवेस्टर की संस्थापक अनुष्का सोहम बटवाल का कहना है कि बाजार का ध्यान अब सरकार की बुनियादी बातों और प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो गया है। चुनाव की अनिश्चितता दूर हो गई है और किफायती आवास के लिए पैकेज की मंजूरी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की वापसी से पता चलता है कि सुधार फिर से गति पकड़ेंगे। इसके अलावा, इतिहास बताता है कि गठबंधन सरकारों के कार्यकाल के दौरान बाजारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। चूंकि देश की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है, इनकम मजबूत बनी रह सकती है। साथ ही नीतिगत पहल और सुधार जारी रह सकते हैं। इसलिए इनसाइडर्स को कोई जोखिम नहीं दिखता है।
मोदी और शाह की भविष्यवाणी
लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि चुनाव के बाद बाजार नई ऊंचाई हासिल करेगा। उन्होंने दावा किया कि 4 जून के नतीजों के बाद सेंसेक्स ऐसा झूमेगा कि शेयर मार्केट के प्रोग्रामर भी थक जाएंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने भी निवेशकों से कहा था कि वे 4 जून से पहले खरीदारी कर लें और बाजार में तेजी आएगी। लेकिन चुनावों के बाद उनके बयान राजनीतिक मुद्दा बन गए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शेयर बाजार में 4 जून को आई गिरावट का हवाला देते हुए कहा कि इससे निवेशकों ने 31 लाख करोड़ रुपये गंवा दिए थे। कांग्रेस ने कहा कि तीन जून को मार्केट ऊपर गया और चार जून को गिर गया। पार्टी ने बाजार में आए भारी उतार-चढ़ाव की जांच जेपीसी से कराने की मांग की है।
