रायपुर । भाद्रपद मास में पड़ने वाले दिगंबर जैन धर्म के पर्युषण महापर्व को लेकर राजधानी के सभी दिगंबर जैन मंदिरों में उत्साह का माहौल है। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष नरेश सिंघई ने जानकारी दी कि यह पर्व भाद्रपद पंचमी से शुरू होकर चतुर्दशी तक मनाया जाता है और इसे दश लक्षण पर्व के रूप में भी जाना जाता है। जैन धर्म में इसे 12 वे तीर्थंकर वासुपुज्य भगवान के मोक्षकल्याणक के रूप में भी मनाया जाता है। जैन धर्मावलंबियों द्वारा यह पर्व आत्मा को पवित्र बनाने के लिए मनाया जाता है। जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का एक अलग ही महत्व है। इस पर्व को सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, इसलिए पर्यूषण पर्व को महापर्व भी कहा जाता है। जैन धर्म में यह पर्व दस दिन तक मनाया जाता है। दस दिन तक जैन धर्मावलंबिय अलग-अलग नियम,धर्म, व्रत और कर्म करते हैं. जिससे उन्हें सभी पापों से मुक्ति मिलती और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
पर्व के महत्व और धार्मिक अनुष्ठान
इस पर्व के दौरान, जैन धर्मावलंबी दस दिनों तक विभिन्न धार्मिक नियमों, व्रतों और उपासना का पालन करते हैं। इन दस दिनों को दशलक्षण के रूप में मनाया जाता है, जिसमें हर दिन एक विशेष गुण का पालन किया जाता है:
उत्तम क्षमा (सहनशीलता)
उत्तम मार्दव (नम्रता)
उत्तम आर्जव (सच्चाई)
उत्तम शौच (पवित्रता)
उत्तम सत्य (सत्य बोलना)
उत्तम संयम (संयमित जीवन)
उत्तम तप (तपस्या)
उत्तम त्याग (त्याग)
उत्तम अकिंचन (अपरिग्रह)
उत्तम ब्रह्मचर्य (सदाचार)
दशलक्षण पर्व का अंतिम दिन क्षमावाणी के रूप में मनाया जाता है, जिसमें सभी आपस में क्षमा मांगते हैं और अपनी गलतियों के लिए माफी मांगते हैं।
रायपुर के जैन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान
रायपुर में नौ प्रमुख दिगंबर जैन मंदिरों में प्रतिदिन प्रातःकाल धार्मिक अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा, संगीतमय आरती, पूजन, और विधान भक्ति के साथ आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख मंदिरों में श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (मालवीय रोड), श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (टैगोर नगर), और श्री चंद्रप्रभ जिनालय (शंकर नगर) शामिल हैं।
प्रतिदिन इन मंदिरों में भक्तजन बड़ी संख्या में उपस्थित होते हैं और भगवान पर प्रासुक जल से जलाभिषेक एवं शांतिधारा करते हैं। इसके अलावा, अष्ट द्रव्यों से निर्मित अर्घ्य चढ़ाकर सामूहिक पूजन और विधान में भाग लेते हैं।
सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम है। बच्चों, युवाओं, और महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
इनमें जैन गॉट टैलेंट 2.0, सोलह श्रृंगार, और बेस्ट जोड़ी 2.0 जैसे रोचक कार्यक्रम भी शामिल हैं। 9 से 17 सितंबर तक विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें महिला मंडल, युवाओं और बच्चों की विशेष भागीदारी रहेगी।
निःशुल्क भोजन सेवा
आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (मालवीय रोड) और पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (टैगोर नगर) में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाहर से आए छात्रों और व्यापारियों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई है।
विशेष आयोजन
हर दिन धार्मिक प्रवचन, स्वाध्याय, और प्रतिक्रमण जैसे कार्यक्रम भी ब्रह्मचारी भईया जी के नेतृत्व में आयोजित हो रहे हैं। 9 सितंबर को घर घर पाठशाला – हर घर पाठशाला, 10 सितंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम टैगोर नगर महिला मंडल के समस्त सद्स्य द्वारा 1 सितंबर को आओ जाने सोलह कारण भावना (एक परिचर्चा) प्रभारी- दिगम्बर जैन महिला महासमिति 12 सितंबर को खेल खेल में बने ज्ञानी हम प्रभारी- महामंत्र ग्रुप, 13 सितंबर को सोलह श्रृंगार (दिगम्बर जैन महिला मंडल मालवीय रोड) 14 सितंबर को जैन गॉट टैलेंट 2.0 (दिगम्बर जैन महिला मंडल) 15 सितंबर को बेस्ट जोड़ी 2.0 (प्रभारी, दिगम्बर जैन महिला मंडल) तथा 17 सितंबर को निर्वाण लाडू सजाओ प्रतियोगिता और महाआरती का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु भाग लेंगे।
दसलक्षण महापर्व के दौरान, राजधानी रायपुर में दिगंबर जैन समाज धार्मिक उल्लास और आस्था के साथ इस महापर्व को मना रहा है, जो समाज के सभी वर्गों के लिए एकता और भक्ति का प्रतीक बना हुआ है।
