नई दिल्ली: अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की टॉप 10 कंपनियों में से आठ अमेरिका की हैं। मैग्नीफिशिएंट 7 (Magnificent 7) में मेटा, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट, एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, ऐपल, टेस्ला और ऐमजॉन शामिल हैं। इन कंपनियां का मार्केट कैप करीब 15 ट्रिलियन डॉलर है जो अमेरिका की कुल जीडीपी का करीब आधा है। इनमें से तीन कंपनियों एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और ऐपल का मार्केट कैप तीन ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। अमेरिका में औसतन सालाना सैलरी 60 हजार डॉलर है। लेकिन मैग्नीफिशिएंट 7 में शामिल कंपनियों में अधिकांश कंपनियों के कर्मचारियों की औसतन सालाना सैलरी नेशनल एवरेज से अधिक है। आइए जानते हैं कि इन कंपनियों के स्टाफ को सालाना औसतन कितनी सैलरी मिलती है।

पिछले साल मीडियन एम्प्लॉयी पे के हिसाब से देखें तो इसमें फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स सबसे आगे है। मार्क जकरबर्ग की अगुवाई वाली इस कंपनी में कर्मचारियों की सालाना औसतन सैलरी 379 हजार डॉलर है। महीने के हिसाब से देखें तो यह करीब 31.58 हजार डॉलर बैठती है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट 316 हजार डॉलर का साथ दूसरे नंबर पर है। एनवीडिया (267 हजार डॉलर) तीसरे, माइक्रोसॉफ्ट (194 हजार डॉलर) चौथे और ऐपल (94 हजार डॉलर) पांचवें नंबर पर है। लेकिन टेस्ला और ऐमजॉन के कर्मचारियों की औसत सैलरी अमेरिका नेशनल एवरेज से कम है। टेस्ला में मीडियन एम्प्लॉयी पे 46 हजार डॉलर और ऐमजॉन में 36 हजार डॉलर है। यानी ऐमजॉन के कर्मचारियों को हर महीने औसतन तीन हजार डॉलर का वेतन मिलता है

सबसे ज्यादा सैलरी वाला सीईओ

जहां तक सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले सीईओ का सवाल है तो इस मामले में ऐपल के सीईओ टिम कुक पहले नंबर पर हैं। आईफोन और आईपैड बनाने वाली इस कंपनी ने पिछले साल अपने सीईओ को 6.3 करोड़ डॉलर का भुगतान किया था। ऐमजॉन के एंडी जैसी को पिछले साल 14 करोड़ डॉलर का वेतन मिला था। टेस्ला के शेयरहोल्डर्स ने अपने सीईओ एलन मस्क के लिए 56 अरब डॉलर का पैकेज मंजूर किया था। लेकिन मस्क को पिछले साल कोई सैलरी नहीं मिली। उन्हें स्टॉक ऑप्शंस के जरिए भुगतान किया जाता है। मस्क टेस्ला समेत कई कंपनियां चलाते हैं। वह 208 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के सबसे रईस व्यक्ति हैं।