नई दिल्‍ली: मुकेश अंबानी भारत के सबसे दौलतमंद व्यक्ति हैं। उनकी नेटवर्थ 9,63,725 करोड़ रुपये है। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन हैं। RIL देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है। इसका बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) 19,74,000 करोड़ रुपये से ज्‍यादा है। मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनियों के जरिये अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्‍हें इसमें अपने परिवार के सदस्यों जैसे नीता अंबानी, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी के साथ कुछ करीबी सहयोगियों से भी मदद मिलती है। मुकेश अंबानी के ऐसे ही करीबी सहयोगियों में से एक है निखिल मेसवानी। वह रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे ज्‍यादा वेतन पाने वाले कर्मचारी हैं। निखिल मेसवानी को वेतन में 24 करोड़ रुपये से ज्‍यादा मिलते हैं।

निखिल को अंबानी परिवार के किसी भी सदस्य के मुकाबले अधिक वार्षिक वेतन मिलता है। वह रसिकभाई मेसवानी के बेटे हैं। रसिकभाई मुकेश अंबानी के पहले बॉस थे। दरअसल, मुकेश अंबानी ने जब कारोबारी जगत में कदम रखा था तब रसिकभाई मेसवानी के ही मार्गदर्शन में उन्‍हें डाला गया। उस वक्‍त रिलायंस ग्रुप मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई के नेतृत्‍व में तेजी से फल-फूल रहा था।

कैसे शुरू हुआ कंपनी में न‍िख‍िल का सफर?

रसिकभाई धीरूभाई अंबानी के भतीजे थे। वह रिलायंस के संस्थापक निदेशकों में से थे। उन्हें मुकेश का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी मिली थी। रसिकभाई ग्रुप के बढ़ते पॉलिएस्टर डिवीजन की देखरेख करते थे।

अब रसिकभाई के बेटे निखिल मेसवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी हैं। उन्होंने मुकेश अंबानी की तरह ही करियर का रास्ता अपनाया। कंपनी में निखिल का करियर एक प्रोजेक्ट ऑफिसर के रूप में शुरू हुआ था। वह मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स डिवीजन पर फोकस करते हैं। उन्होंने रिलायंस को पेट्रोकेमिकल इंडस्‍ट्री में प्रमुख ग्‍लोबल प्‍लेयर के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। निखिल 1986 में रिलायंस का हिस्सा बने। 1 जुलाई, 1988 से कंपनी के बोर्ड में कार्यकारी निदेशक बनने के साथ पूर्णकालिक निदेशक पद संभाला।