भारत पाक मुकाबले में न दिल मिले और न हाथ

खरी खरी खेल डेस्क

दुबई।  रविवार को एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुक़ाबले पर पूरी तरह पहलगाम हमले का साया मंडराता रहा। मैच तो किसी तरह से हो गया लेकिन  मुक़ाबले में ना कोई रोमांच देखने को मिला और ना ही खिलाड़ियों के बीच कोई गर्मजोशी।

भारत ने इस मैच में पाकिस्तान को सात विकेट से मात दी।

इस बार जब दोनों देशों के क्रिकेटर मैदान पर आमने-सामने थे तो ना उनके ‘दिल मिले’ और ना ही खेल की परंपराओं को क़ायम रखने के लिए उन्होंने हाथ मिलाए।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए चरमपंथी हमले के बाद मई महीने में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।

उसके बाद यह पहला मौक़ा था, जब दोनों देशों की क्रिकेट टीमें आमने-सामने थीं।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मैच के बाद पहलगाम हमले का ज़िक्र भी किया और जीत को भारतीय सेना को समर्पित किया।

उन्होंने कहा, “मैं थोड़ा समय लेना चाहता हूँ। हम पहलगाम हमले के पीड़ितों के साथ खड़े हैं। हम उनके साथ हैं। हम इस जीत को हमारी सेना को समर्पित करते हैं। वो हमें प्रेरित करते रहेंगे।”

वहीं, पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान अली आगा ने प्रेज़ेंटेशन सेरेमनी के दौरान इंटरव्यू भी नहीं दिया।

इससे पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भारतीय पारी के 15वें ओवर की पाँचवीं गेंद पर विजयी छक्का लगाया तो वो क्रीज़ पर मौजूद शिवम दुबे के साथ सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर आगे बढ़ गए।

आमतौर पर क्रिकेट मैच में जीत के बाद विरोधी टीम के खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने की परंपरा रहती है। लेकिन उन्होंने मैदान पर मौजूद पाकिस्तानी क्रिकेटर्स से हाथ नहीं मिलाया।

पाकिस्तान का कोई क्रिकेटर भी भारतीय खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने के लिए आगे नहीं आया।

यहाँ तक कि भारतीय टीम के बाक़ी क्रिकेटर्स भी ड्रेसिंग रूम में ही रहे और मैच ख़त्म होने के बाद उन्होंने मैदान पर नहीं आने का विकल्प चुना।

हालाँकि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का असर टॉस के दौरान भी दिख गया था।

जब टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा को टॉस जीतने पर बधाई देने के लिए हाथ नहीं मिलाया।

भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट मैच का फ़ैंस को ना सिर्फ़ इंतज़ार रहता था, बल्कि उसे लेकर एक तरह का अलग उत्साह भी देखने को मिलता था।

लेकिन इस बार पहलगाम हमले की वजह से मैच से पहले बॉयकॉट का पूरा अभियान चल रहा था।

कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने बीसीसीआई के पाकिस्तान के साथ खेलने के फ़ैसले पर सवाल उठाए।

शायद दोनों देशों के बीच तनाव का असर था कि जब-जब कैमरा दर्शकों की तरफ़ जा रहा था, तब ख़ाली कुर्सियाँ भी देखने को मिल रही थी।

वैसे भारत-पाकिस्तान के मुकाबले की सभी टिकटें महीनों पहले ही बुक हो जाया करती थीं।

कुल 35।5 ओवर तक खेले गए इस मैच के दौरान एक भी लम्हा ऐसा नहीं आया, जब मैदान दोनों देशों के क्रिकेटर्स ने एक-दूसरे से बात करने की कोशिश की हो।

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