बिहार चुनाव में आप की एंट्री सियासी समीकरण बिगाडेगी

खरी खरी संवाददाता

पटना। आम आदमी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ने के फैसला किया है। पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने और कांग्रेस-आरजेड़ी के महागठबंधन में शामिल नही होने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव मे पराजय के बाद हासिए पर मानी जा रही पार्टी ने अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में फिर ताकतवर होने की योजना के तहत बिहार के चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है।

बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सियासत गरमाई हुई है। बिहार में NDA के साथ-साथ महागठबंधन ने भी अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी है।इस सबके बीच अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी बिहार की राजनीति में एंट्री करके सभी को चौंका दिया है। खबरों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही पार्टी ने फैसला किया है कि वह आरजेडी, कांग्रेस और अन्य दलों के महागठबंधन में शामिल नहीं होगी। आम आदमी पार्टी जिस संकल्प के साथ ‘चुनावी जंग’ में उतर रही है, वह ‘इंडिया’ गठबंधन के टूट जाने के संदेश के साथ महागठबंधन के नायक तेजस्वी यादव के लिए ठीक नहीं है। इस टूट का सीधा फायदा  राज्य की नीतीश नीत एनडीए सरकार को होने जा रहा है।आम आदमी पार्टी (आप) ने बिहार विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर खुद को ‘INDIA’ गठबंधन से अलग कर विपक्ष के रणनीतिकारों को चौंका डाला है। यह दीगर है कि ‘इंडिया’ गठबंधन के भीतर कई लोगों ने अपनी डफली राग अलापना पहले ही शुरू कर दिया था। अब ‘आप’ ने भी यह कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए बना था। विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की पार्टी अपना अलग दृष्टिकोण के साथ चुनाव लड़ सकती हैं। हाल ही के दिल्ली चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग चुनाव लड़ी थी।राजनीतिज्ञों की माने तो समग्रता में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के 243 सीटों पर तात्कालिक रूप से लगता है कि महागठबंधन के वोटों में बिखराव स्पष्ट है। इसका सीधा फायदा एनडीए को हो सकता है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का अलग-अलग चुनाव लड़ना, भाजपा की सरकार बनने का एक मुख्य कारण बना था। बिहार में भी ‘आप’ का अलग होना महागठबंधन के वोट विभाजन के कारण बन सकता है। हालांकि ये बिखराव तब और स्पष्ट होगा, जब आम आदमी पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। बिहार के जातीय समीकरण में आम आदमी पार्टी किस सोशल इंजीनियरिंग के साथ उम्मीदवार उतारेगी, वह वोट बंटवारा का कारण बनेगा।

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