नयी दिल्ली: लोगों को स्वरोजगार करनेया लघु उद्योग लगाने के लिए आसानी से लोन मिले, इसके लिए 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana) की शुरुआत की गई थी। लेकिन इसका सदुपयोग कम, दुरुपयोग ज्यादा हो रहा है। इसका इशारा नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा तैयार एक रिपोर्ट से मिलता है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत दिये जाने वाले लोन की वापसी में लोग ढीले होते जा रहे हैं। तभी तो साल दर साल इस तरह के लोन अकाउंट के एनपीए होने का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है।