खरी खरी संवाददाता
भोपाल, 2 जून। बहुचर्चित त्विशा शर्मा केस में मंगलवार को कोर्ट ने मुख्य आरोपी त्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह तथा त्विशा के पति समर्थ सिंह को न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया है। गिरिबाला सिंह को ‘कैदी नंबर 71/26’ आवंटित किया गया है। समर्थ सिंह ‘कैदी नंबर 1782/26’ है।
कभी अदालत की कुर्सी पर बैठकर फैसले सुनाने वाली पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की पहचान अब भोपाल सेंट्रल जेल में एक बंदी के रूप में दर्ज हो गई है। त्विशा शर्मा मामले की मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को सीबीआई ने मंगलवार को कोर्ट मे पेश किया। सीबीआई ने दोनों की रिमांड नहीं मांगी, इसलिए कोर्ट ने दोनों को जेल भेजने का फरमान सुना दिया। अदालत से 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश मिलने के बाद सीबीआई की टीम दोनों आरोपितों को भोपाल सेंट्रल जेल लेकर पहुंची। जेल के मुख्य द्वार पर उस समय कुछ देर तक असहज स्थिति बनी रही, जब मीडिया की मौजूदगी देखकर पूर्व जज गिरिबाला सिंह वाहन से उतरने को तैयार नहीं हुईं। दोपहर करीब 3:39 बजे जेल पहुंचीं गिरिबाला सिंह को जेल के सुरक्षा नियमों के तहत वाहन से उतरकर पैदल प्रवेश करने के लिए कहा गया। लेकिन बाहर मौजूद मीडिया कर्मियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और वाहन से बाहर आने से इंकार कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब फोटोग्राफरों ने कार के शीशों से तस्वीरें लेने की कोशिश की तो गिरिबाला सिंह ने हाथ में मौजूद पानी की बोतल से इशारा कर आपत्ति जताई। उन्होंने अधिकारियों से वाहन को सीधे जेल परिसर के भीतर ले जाने का आग्रह किया, लेकिन जेल प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी। आखिरकार वाहन को मुख्य द्वार के बिल्कुल पास लगाया गया, जिसके बाद गिरिबाला सिंह कार से उतरीं और सीधे जेल अधीक्षक कार्यालय की ओर बढ़ गईं। कुछ देर बाद समर्थ सिंह भी दूसरे वाहन से पहुंचकर जेल में दाखिल हो गया।जेल प्रशासन ने दोनों आरोपितों को अलग-अलग वार्ड में रखा है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड के ‘अ खंड’ में रखा गया है, जबकि समर्थ सिंह को ‘ब खंड’ स्थित मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। मामले की संवेदनशीलता और गिरिबाला सिंह के न्यायिक पृष्ठभूमि को देखते हुए जेल प्रशासन विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए है।
