ग्वालियर: मध्य प्रदेश में मौसम ने तहलका मचा रखा है। हर जगह बाढ़ और तबाही की तस्वीर देखी जा रही हैं। ऐसा ही हल ग्वालियर में भी नजर आ रहा है। यहां अधिकांश नदिया उफान पर हैं। तो वहीं कई रपटे अब तक डूब चुके हैं। जिले भर में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। नहर व नदियों के किनारे बसे लोगों को भी प्रशासन ने दूरी बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस व प्रशासन की टीम में भी लगातार मौके पर पहुंचकर जायजा ले रही है। कई जगहों पर तो हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू के हालात बन गए हैं।

हजारों लोगों का जन जीवन प्रभावित

 

इसके माध्यम से भिंड गोहद, चितौरा, ग्वालियर आदि के रोजाना लगभग 1000 से अधिक वाहनों का आवागमन होता है। वहीं पुल में दरार आने से आवागमन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जिसके कारण लोगों के व्यवसाय पर भी फर्क पड़ रहा है। रोजाना इसी मार्ग से ईंट गिट्टी, रेत आदि के डंपर व ट्रक भी यही से गुजरते हैं। इसके चलते लोगों को खासा घाटा होने की संभावना भी बनी हुई है। वहीं आसपास रहने वाले कई मजदूरों के भी कम पर जाने का यह रास्ता है। जो इस समय बंद हो गया है।

पुलिस एसडीओपी का कहना

एसडीओपी बेहट संतोष पटेल ने बताया कि पुल को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। आवागमन को भी रोक दिया गया है। कोई भी बड़ा हादसा न हो इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैँ, सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

लोगों में हुई झड़प

इन सब के बाद भी कुछ लोग पुल को पार करने की कोशिश कर चुके हैं। इसके कारण उनका पुलिस से ही झगड़ा हो रहा है। यही वजह है कि पुलिस को नियमों का पालन शक्ति से भी कराना पड़ रहा है। एसडीओपी पटेल का कहना है कि स्थिति पर नियंत्रण है, आसपास के गांव में भी जो लोग फंसे हैं उनको भी निकालने के लिए टीम में रवाना कर दी गई है।

मुरार नदी भी उफान पर

वहीं दूसरी ओर ग्वालियर के शहरी इलाके में भी जलभराव के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ है। शहर में बाढ़ का पानी घुस आया है। मुरार नदी ने हुरावली चौराहे का रास्ता बंद कर दिया है। आसपास की कॉलोनी और चौराहे पर बने बाजार, बैंक, रेस्त्रां और किराने की दुकानों के बेसमेंट डूब गए हैं। पुलिस प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।