नई दिल्ली: दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी वाले देश चीन के उपभोक्ताओं की बेरुखी ग्लोबल ब्रांड्स पर भारी पड़ रही है। चीन की इकॉनमी इस समय कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रही है। लोग अपने भविष्य को लेकर आशंकित हैं और पैसा खर्च करने के बजाय बचत करने में लगे हैं। इससे दुनिया के टॉप लग्जरी ब्रांड्स के पसीने छूट रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी लग्जरी कंपनी LVMH का कहना है कि पिछले तीन महीने में चीन में उसकी सेल में 14 फीसदी गिरावट आई है जबकि पहली तिमाही में यह गिरावट छह फीसदी रही थी। पेरिस की कंपनी LVMH के साथ ही ऐसा नहीं हुआ है। उसकी कई प्रतिद्वंद्वी कंपनियों का भी यही हाल है।

चीन के उपभोक्ताओं ने महंगी खरीद बंद कर दी है। साथ ही सरकार ने ऐसे एन्फ्लूएंसर्स के सोशल मीडिया अकाउंट्स को सेंसर कर दिया है जो अपने लग्जरी गुड्स का ऑनलाइन प्रदर्शन करते हैं। LVMH दुनिया का सबसे बड़ा लग्जरी ग्रुप है। उसका कहना है कि पिछले तीन महीने में उसका ओवरऑल रेवेन्यू एक फीसदी गिरा है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 20 फीसदी गिरावट आई है। इससे ग्रुप के चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव बर्नार्ड अरनॉल्ट दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर खिसक गए हैं। इस कंपनी के पास 75 से अधिक महंगे ब्रांड हैं जिनमें Louis Vuitton, Dior और Tiffany & Co शामिल हैं।