खरी खरी संवाददाता

भोपाल, 1 जुलाई। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ प्रेस कांफ्रेंस साझा कर यह जताने की कोशिश की है कि पार्टी में घर के अंदर सब ठीक है, लेकिन हकीकत में घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी के तमाम नेता कह रहे हैं कि अगर यही हाल रहा तो जनता के बीच किस तरह जाया जाएगा।

उज्जैन में वीर भारत न्यास को एक रुपये में सरकारी भूमि लीज पर देने के लिए मोहन यादव सरकार पर भ्रष्टाचार के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आरोप को औचित्यहीन करार देने के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बयान पर पार्टी के अंदर घमासान छिड़ा है। भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर इसके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की वर्चुअल बैठक में कुछ नेताओं ने जीतू पटवारी बनाम दिग्विजय के बयान का विषय उठा। वहीं, वर्चुअल बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ नहीं जुड़े।अलबत्ता, बैठक के बाद भोपाल में जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने संयुक्त पत्रकार वार्ता करके यह संदेश देने का प्रयास किया कि हम सब साथ हैं। दिग्विजय ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। नेतृत्व के बीच प्रचारित की जा रहीं मतभेद की बातें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। जीतू मेरे बेटे जैसा है। उन्होंने कहा कि किसी भी नेता के लिए दलाल जैसे शब्द का प्रयोग नहीं कर सकता हूं। वो बात एक दलाल उपनाम के पत्रकार को लेकर थी, जिसे लेकर भ्रम फैलाया गया। दिग्विजय सिंह की इस सफाई के बाद जीतू पटवारी ने भी स्थिति स्पष्ट की है। दोनों नेताओं की सफाई के बाद भी घर में मचा घमासान थम नहीं रहा है। अब स्लीपर सेल का मुद्दा उठाया जा रहा है। अपरोक्ष रूप से दिग्विजय सिंह को स्लीपर सेल बताने की कोशिश हो रही है।