नई दिल्‍ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते रोज केंद्रीय बजट 2024-25 पेश किया। इस बजट के साथ वह लगातार सात बार बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन गईं। उन्होंने 1959 से 1964 के बीच लगातार छह बजट पेश करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। अपने सातवें बजट में निर्मला सीतारमण ने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं पर जोर दिया। लोकसभा चुनाव में रोजगार का मुद्दा केंद्र में था। सैलरीड क्‍लास को भी महसूस होने लगा था कि सरकार उन्‍हें तवज्‍जो नहीं देती। इस बार के बजट में सीतारमण ने यह शिकायत दूर करने की कोशिश की। आइए, केंद्रीय बजट 2024-25 में वेतनभोगी व्यक्तियों और नौकरी तलाशने वालों के लिए की गई घोषणाओं पर एक नजर डालते हैं:

स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन में बढ़ोतरी

बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई इनकम टैक्‍स व्यवस्था के तहत वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने की घोषणा की। यह 50 फीसदी की बढ़ोतरी है। स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन से तात्पर्य उस निश्चित राशि से है जो लागू आयकर दर की गणना करने से पहले एक कर्मचारी की ओर से एक वर्ष में अर्जित कुल वेतन से काट ली जाती है। पुरानी इनकम टैक्‍स व्यवस्था में स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन के संबंध में कोई बदलाव नहीं हुआ है।