नई दिल्ली: अमेरिका के बाद अब यूरोप के साथ भी चीन का पंगा बढ़ने लगा है। यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी ने अपने सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर चीन को एक और जोर का झटका दिया है। चीन ने दिग्गज ऑटो कंपनी फॉक्सवैगन की एक सहयोगी कंपनी को खरीदने के लिए एक डील की थी। लेकिन जर्मन सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस डील को रोक दिया। यह फैसला ऐसे समय आया है जबकि यूरोपीय यूनियन ने हाल में चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर टैरिफ बढ़ा दिया था। चीन ने भी बदले की कार्रवाई करते हुए यूरोप से होने वाले सुअर के मांस की कीमतों पर जांच शुरू कर दी। इस तरह दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत हो चुकी है।