नई दिल्ली: टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का हाल ही में मुंबई में निधन हो गया था। वह अपने पीछे करीब 7,900 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए हैं।सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अपनी वसीयत को एग्जीक्यूट करने की जिम्मेदारी अपने करीबी वकील दोस्त डेरियस खंबाटा और सहयोगी मेहली मिस्त्री को दी है। साथ ही उन्होंने अपनी सौतेली बहनों शिरीन और डियना जीजीभॉय को भी इसके लिए नॉमिनेट किया है। रतन टाटा का 9 अक्टूबर को 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट्स का नया चेयरमैन बनाया गया है। टाटा ट्रस्ट्स की टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 66% हिस्सेदारी है। टाटा ग्रुप देश का सबसे बड़ा औद्योगिक घराना है।
