खरी खरी संवाददाता

कटनी। मध्यप्रदेश की समृद्ध खनिज संपदा के खनन क्षेत्र में निवेश संवर्धन और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खनिज संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से कटनी जिले में 23 अगस्त को मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्‍य आतिथ्‍य में माइनिंग कॉन्‍क्‍लेव का आयोजन होना है। इसके मद्देनजर सोमवार को विधायक विजयराघवगढ़ संजय सत्‍येन्‍द्र पाठक, विधायक मुड़वारा संदीप जायसवाल और कलेक्‍टर दिलीप कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्‍वकर्मा सहित खनिज विभाग और वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन स्‍थल कटनी शहर के होटल अरिंदम का निरीक्षण किया।

इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ शिशिर गेमावत, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहेरिया, एसडीएम कटनी प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, उपसंचालक खनिज रत्‍नेश दीक्षित, नगर निगम कमिश्‍नर नीलेश दुबे, विवेक श्रीवास्‍तव, आरटीओ संतोष पाल, यातायात निरीक्षक राहुल पाण्‍डेय आदि मौजूद रहे।

कटनी में आयोजित होने वाली माइनिंग कॉन्‍क्‍लेव में प्रदेश सहित देश भर के खनन क्षेत्र में कार्य करने वाले नामचीन उद्योगपति शामिल होंगे। इस कॉन्‍क्‍लेव में देश और प्रदेश के नामचीन उद्योगपतियों ने शामिल होने के लिए रूचि प्रदर्शित किया है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्‍थल का मुआयना कर मंचस्‍थल, प्रदर्शनी स्‍थल, उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा स्‍थल, सेक्‍टोरियल प्रेजेंटेशन, पार्किंग स्‍थल आदि का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

कटनी की धरती पर बेशकीमती खनिजों की भरमार है। इस आयोजन में देश और विदेश से 500 से अधिक निवेशक भाग लेंगे। वे कटनी की खनिज संपदा में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। खनिजों की संभावनाओं को विश्वपटल पर लाने और निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से यह कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। कटनी जिले में लाइमस्टोन, डोलोमाइट, मार्बल, बॉक्साइट, लेटराइट और फायर क्ले जैसे बेशकीमती खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह  खनिज सीमेंट, चूना, स्टील, कागज और एल्युमीनियम जैसे उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

लाइमस्टोन: बड़वारा और विजयराघवगढ़ में मिलता है जो सीमेंट और स्टील उद्योग के लिए उपयोगी है।

डोलोमाइट: स्लीमनाबाद और बड़वारा में उपलब्ध है जिसका उपयोग स्टील और पुट्टी प्लांट में होता है।

मार्बल: बहोरीबंद और स्लीमनाबाद में अच्छी गुणवत्ता का मार्बल पाया जाता है जिसका उपयोग भवन निर्माण और मूर्तिकला में होता है।

बॉक्साइट: कटनी और स्लीमनाबाद में प्रचुर मात्रा में मिलता है जो एल्युमीनियम का मुख्य स्रोत है।

फायर क्ले: अग्निरोधी ईंटें और टाइल्स बनाने के काम आता है।