नई दिल्ली: विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे कारोबारी भारत में सरकारी बैंकों को अरबों रुपये का चूना लगाकर आराम से विदेशों में बैठे हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। हाल में पेश बजट में विदेश जाने के लिए जरूरी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट्स से जुड़े प्रावधानों को सख्त बना दिया गया है। इसके मुताबिक 1 अक्टूबर से विदेश जाने वाले भारतीयों को ब्लैक मनी एक्ट के तहत क्लीयरेंस सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। मौजूदा व्यवस्था में विदेश जाने वाले व्यक्ति को आईटी एक्ट की धारा 230 के तहत टैक्स अधिकारियों से यह सर्टिफिकेट लेना होता है कि उस पर कोई बकाया नहीं है। जानकारों का कहना है कि नए नियमों से भारत में गबन करने वाले लोगों के लिए विदेश भागना मुश्किल हो जाएगा।