नई दिल्ली: कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के दिन अब फिरने लगे हैं। उनकी फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने मंगलवार को कहा कि उसके बोर्ड ने वीएफएसआई होल्डिंग्स को अनसिक्योर्ड फॉरेन करेंसी कनवर्टीबल बॉन्ड्स (FCCB) जारी करके 2,930 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने शेयर मार्केट को बताया कि एफसीसीबी अनसिक्योर्ड होंगे। उन पर 10 साल की लंबी परिपक्वता के साथ 5% प्रति वर्ष का बेहद कम लागत वाला ब्याज होगा। अनिल अंबानी की कंपनियों ने हाल में अपने कर्ज में भारी कमी की है।

कंपनी ने कहा कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में वीएफएसआई होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड को 350 मिलियन डॉलर (2,930 करोड़ रुपये) तक के फंड जुटाने को मंजूरी दे दी है। यह प्रमुख ग्लोबल ऑल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फर्म वर्डे इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स एलपी की सहयोगी कंपनी है। साथ ही रिलायंस इन्फ्रा के बोर्ड ने कंपनी के सभी कर्मचारियों के लिए कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत कर्मचारियों को 850 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 2.60 करोड़ इक्विटी शेयर दिए जाएंगे जो कंपनी की 5% के बराबर है।

कंपनी का शेयर

रिलायंस इन्फ्रा का शेयर मंगलवार को 1.20% गिरावट के साथ 332.15 रुपये पर बंद हुआ। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 13,157.50 करोड़ रुपये रह गई है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 350.90 रुपये और न्यूनतम स्तर 143.70 रुपये है। रिलायंस इन्फ्रा ने हाल में अपने स्टैंडअलोन एक्सटनल डेट में 806% की कमी की है। इससे कंपनी का कर्ज 3,831 करोड़ रुपये से घटकर 475 करोड़ रुपये रह गया।