ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर टैरिफ लगाने की दी धमकी

खरी खरी डेस्क

न्यूयार्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ब्रिक्स देशों पर टैरिफ़ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने यह भी कहा है कि यह ग्रुप तेज़ी से समाप्त हो रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात शुक्रवार को व्हाइट हाउस में कही। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की, इसलिए उन्होंने सख़्ती बरती। हालांकि, ट्रंप ने इस दौरान किसी भी देश का नाम नहीं लिया।

ट्रंप की यह धमकी उस वक़्त आई है जब ब्रिक्स के अहम सदस्यों भारत, रूस और चीन के बीच एक बार फिर त्रिपक्षीय संबंधों को सुधारने की कवायद हुई है। इससे पहले हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भी ट्रंप ने टैरिफ़ की धमकी दी थी।भारत और चीन के बीच संबंधों को पटरी पर लाने के लिए रूस लगातार प्रयास कर रहा है और अब चीन ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा है कि चीन, रूस और भारत के बीच त्रिपक्षीय सहयोग न केवल तीनों देशों के हितों को साधता है, बल्कि क्षेत्र और विश्व में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और प्रगति को बनाए रखने में भी मदद करता हैलिन ने कहा कि चीन त्रिपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए रूस और भारत के साथ संवाद बनाए रखने के लिए तैयार है।इससे पहले रूस के उप-विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने कहा था कि रूस-भारत-चीन (आरआईसी) के प्रारूप को फिर से शुरू करने के लिए रूस।। भारत और चीन से बातचीत कर रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान रूसी उप-विदेश मंत्री के इसी बयान के संदर्भ में बोल रहे थे। शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में एक बिल के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इस बिल की तारीफ़ की और कहा कि यह अमेरिकी डॉलर को मज़बूत कर रहा है। इस बीच ट्रंप ने ब्रिक्स का ज़िक्र करते हुए कहा, “ब्रिक्स नाम का एक छोटा समूह है, जो तेज़ी से समाप्त हो रहा है। इसने डॉलर, डॉलर के प्रभुत्व और मानक पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की। ब्रिक्स अभी भी यह चाहता है।”ट्रंप ने ‘खिल्ली’ उड़ाते हुए बताया, “मैंने कहा ब्रिक्स समूह में चाहे जो भी देश हों हम उनपर 10 फ़ीसदी टैरिफ़ लगाने जा रहे हैं। अगले दिन उनकी बैठक थी और तक़रीबन कोई नहीं आया।”इसके बाद ट्रंप ने एक बार फिर डॉलर को मज़बूत करने और उसे वैश्विक मुद्रा बनाए रखने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “हम डॉलर को गिरने नहीं देंगे। अगर हम वैश्विक मुद्रा के तौर पर डॉलर का स्टेटस खो देते हैं तो यह एक विश्व युद्ध हारने जैसा होगा।””जब मैंने ब्रिक्स देशों के इस समूह के बारे में सुना तो मैंने उन पर सख़्ती दिखाई। अगर ये देश कभी भी एकजुट हुए तो यह गुट जल्द ही समाप्त हो जाएगा।”

 

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